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Wednesday, 3 August 2011

(8) इस नफरत की आग को फैलने से रोकिये


19 comments:

  1. आपकी अपील सार्थक है .....आम आदमी को फूंक -फूंक कर आगे कदम रखना चाहिए

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  2. chandr bhooshan mishr ji,
    Rekha ji,

    thanks for your comments.

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  3. -----निश्चय ही जन भावनाओं को दबाने व परवाह न करने के भीषण परिणाम होते हैं, यदि जन ही खुश नहीं तो आखिर राज्य/राष्ट्र किसके लिए .... सार्थक आलेख....

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  4. aapake samarthan aur sakaaratmak tippani ke liye dhanyawaad .

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  5. आक्रोश तो ज़रूर है लोगों के मन में, हां बौद्धिक जनान्दोलन की बहुत ज़रूरत है इन्हें दिशा देने के लिए।

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  6. thanks for your commen Manoj ji

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  7. बिल्कुल सही लिखा है! मैं आपकी बातों से पूरी तरह सहमत हूँ! सार्थक लेख !
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  8. यह भी इस लोकतंत्र के कुछ पहलू है !

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  9. Babli ji,
    G.N. SHAW JI

    Thanks for your comment and appriciation to me.

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  10. aapka chintan rajendra awasthi ke 'kaal chintan' ki yaad dilata hai. chintan kisi ka bhi ho kaal ki sehat ke liye pathya hi hai. bahut achchhe lagte hain aapke vichaar.

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  11. चिन्तन योग्य आलेख....बहुत अच्छा मुद्दा उठाया है आपने.......

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  12. राजनेता तो इस किसी न किसी तरह की साजिशों में लिप्त रहेंगे जरूरत है हमे उनके वह्कावे में ना आने की. आपका सार्थक प्रयास जनता को जागरूक बनाये रखने के लिए सराहनीय है. अभिनन्दन.

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  13. Doctor Sharad Singh ji
    Rachana Dixit ji
    Thanks for your comments , Aabhar

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  14. मित्रता दिवस की आपको भी शुभकामनायें।
    सम्पूर्ण जनता को राजनीतिक रूप से जाग्रत करने की आवश्यकता है। जनता का राजनीतिक रूप से पिछड़ापन ही सब समस्याओं की जड़ है। जन-तंत्र मे जनता ही सचेत न होगी तो कैसा जन-तंत्र?

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  15. सही कहा आपने नफरत के बीज बो कर सत्ता की फसल नहीं उगाई जा सकती .....

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  16. Vijay Mathur ji,
    Harkeerat Heer ji,

    Thanks for your comment and appriciation.

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  17. मैं आपकी बातों से पूरी तरह सहमत हूँ! सार्थक लेख !

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